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Sports / Cricket / India / Delhi / New Delhi
10-12 साल तनाव में बीते, रात को सो नहीं पाता था': महान क्रिकेटर ने किया बड़ा खुलासा

By  Public Reporter
Mon/May 17, 2021, 11:12 AM - IST -82

सचिन तेंदुलकर
  • जरूरी है कि खिलाड़ी बुरे समय को स्वीकार करें
New Delhi/

नई दिल्ली / महान बल्‍लेबाज सचिन तेंदुलकर ने रविवार को कहा कि 24 साल के अपने लंबे करियर में आधे से ज्‍यादा समय वह तनाव से जूझे और फिर उन्‍हें एहसास हुआ कि मैच से पहले तनाव खेल की उनकी तैयारी का एक महत्‍वपूर्ण हिस्‍सा है। कोविड-19 के समय में खिलाड़ी ज्‍यादा समय बायो-बबल में गुजार रहे हैं, उनके मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य पर क्‍या असर पड़ रहा होगा, इस पर तेंदुलकर ने कहा कि स्‍वीकार्यता महत्‍वपूर्ण हैं। 
तेंडुलकर ने ‘अनअकेडमी’ द्वारा आयोजित एक परिचर्चा में कहा, ‘समय के साथ मैंने महसूस किया कि खेल के लिए शारीरिक रूप से तैयारी करने के साथ आपको खुद को मानसिक रूप से भी तैयार करना होगा। मेरे दिमाग में मैदान में प्रवेश करने से बहुत पहले मैच शुरू हो जाता था। तनाव का स्तर बहुत अधिक रहता था।’ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में शतकों का शतक लगाने वाले इस इकलौते पूर्व खिलाड़ी ने कहा, ‘मैंने 10-12 वर्षों तक तनाव महसूस किया था, मैच से पहले कई बार ऐसा हुआ था जब मैं रात में सो नहीं पता था। बाद में मैंने यह स्वीकार करना शुरू कर दिया कि यह मेरी तैयारी का हिस्सा है। मैंने समय के साथ इसे स्वीकार कर लिया कि मुझे रात में सोने में परेशानी होती थी। मैं अपने दिमाग को सहज रखने के लिए कुछ और करने लगता था।’
उन्होंने कहा 'कुछ और' में बल्लेबाजी अभ्यास, टेलीविजन देखना और वीडियो गेम्स खेलने के अलावा सुबह चाय बनाना भी शामिल था। रिकॉर्ड 200 टेस्ट मैच खेल कर 2013 में संन्यास लेने वाले इस खिलाडी ने कहा, ‘मुझे मैच से पहले चाय बनाने, कपड़े इस्त्री करने जैसे कार्यों से भी खुद को खेल के लिए तैयार करने में मदद मिलती थी। मेरे भाई ने मुझे यह सब सिखाया था, मैं मैच से एक दिन पहले ही अपना बैग तैयार कर लेता था और यह एक आदत सी बन गयी थी। मैंने भारत के लिए खेले अपने आखिरी मैच में भी ऐसा ही किया था।' 
इस इंसान ने की सचिन की मदद
अपने इंटरव्यू के दौरान सचिन ने बताया कि 'एक बार चेन्नई में मेरे कमरे में एक वर्कर डोसा लेकर आया। उसने मुझे एक सलाह दी, कि मेरे एल्बो गार्ड के कारण मेरा बल्ला पूरी तरह से नहीं चल रहा, यह वास्तव में सही फैक्ट था। उसने मुझे सही समय पर मेरी समस्या से छुटकारा दिलाने में मदद की।'
सचिन ने कहा, हर समस्या के लिए तैयार रहे खिलाड़ी
एक खिलाड़ी की जिंदगी में कई उतार-चढ़ाव आते है, जिसके लिए उन्हें तैयार रहना चाहिए। सचिन ने इस बारे में बात करते हुए कहा कि, 'खिलाड़ी को मुश्किल समय का सामना करना ही पड़ता है लेकिन यह जरूरी है कि वह बुरे समय को स्वीकार करें, क्योंकि जब आप इसे स्वीकार करते है तो फिर इसका समाधान ढूंढने की कोशिश करते है।

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